Liquor Shop: गोरखपुर के बड़हलगंज क्षेत्र के प्रमुख शराब कारोबारी के बेटे की शादी के बाद उन्होंने शराब दुकानों की नई लॉटरी प्रणाली में अपनी बहू के नाम पर हैसियत प्रमाण पत्र बनवाकर आवेदन किया है. इसी प्रकार दाउदपुर क्षेत्र के 80 वर्षीय बुजुर्ग ने भी अपने बेटों की इच्छाओं को पूरा करने के लिए आवेदन किया है.
प्रदेश में शर्तों का असर
नई शर्तों के अनुसार, एक व्यक्ति पूरे प्रदेश में अधिकतम दो दुकानों का मालिक हो सकता है, जिसने बड़े कारोबारियों को अपने परिवार और दोस्तों के नाम से आवेदन करने की नई रणनीति (new strategy for application) अपनाने पर मजबूर किया है. इससे लाइसेंस के लिए प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ गई है.
लोगों की बढ़ती चाहत और आवेदन की संख्या
गोरखपुर में 580 शराब दुकानों के लिए 15,342 लोगों ने आवेदन किया है, जिसमें 40% महिलाएं और 25% बुजुर्ग शामिल हैं. यह दिखाता है कि शराब दुकानों के आवंटन की नई प्रक्रिया ने कई वर्गों को इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित किया है (motivation across various groups).
आबकारी विभाग का रोल और लॉटरी की प्रक्रिया
जिला आबकारी अधिकारी महेन्द्र प्रताप सिंह के अनुसार, एक व्यक्ति अपने हैसियत के अनुसार कई आवेदन कर सकता है, लेकिन दो दुकानों के आवंटन के बाद वह लॉटरी प्रक्रिया से बाहर हो जाएगा. इससे अधिक पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी (ensuring transparency and fairness).